आध्यात्मिक साधना में वैराग्य का क्या अर्थ है?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
वैराग्य: योगसूत्र 1.15 — विषयों से तृष्णा अभाव (घृणा नहीं)। अनासक्ति+विवेक-जन्य+स्वतःस्फूर्त। वैराग्य≠संसार-त्याग/घृणा/दमन/अवसाद। गीता 2.59: 'परम दर्शन से रस भी छूटे=सच्चा।' चरण: यतमान→व्यतिरेक→एकेन्द्रिय→वशीकार→परवैराग्य। अभ्यास+वैराग्य=मन नियंत्रण।
सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
श्रेणी
आध्यात्मिक साधना
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।