अहल्या का उद्धार कैसे हुआ?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
श्रीरामजी के चरण-स्पर्श से — 'परसत पद पावन सोक नसावन प्रगट भई तपपुंज सही' — पवित्र चरणों का स्पर्श पाते ही शिला से तपोमूर्ति अहल्या प्रकट हुईं। स्तुति करके आनन्दपूर्वक पतिलोक गयीं।
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श्रेणी
रामचरितमानस — बालकाण्ड
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