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सरल उत्तर

ब्रह्मवैवर्त पुराण में सरस्वती का प्राकट्य कैसे बताया है?

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ब्रह्मवैवर्त पुराण (प्रकृति खण्ड, अध्याय 4-5): मूल प्रकृति पांच स्वरूपों में विभक्त (दुर्गा, राधा, लक्ष्मी, सरस्वती, सावित्री)। देवी सरस्वती = श्रीकृष्ण के कंठ/ओष्ठ से प्राकट्य। श्रीकृष्ण ने ही प्रथम आराधना की और उद्घोष किया: माघ शुक्ल पंचमी को सभी षोडशोपचार से उपासना करें।

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सरस्वती प्राकट्य

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