चन्द्रशेखराष्टकम् पाठ के लिए कौन सी दिशा में बैठना चाहिए?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
सामान्य: प्रातःकाल पूर्व, सायंकाल पश्चिम दिशा। चन्द्रदोष निवारण के लिए उत्तर या उत्तर-पश्चिम (वायव्य) दिशा में बैठकर पाठ करना विशेष लाभकारी है।
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