विस्तृत उत्तर
सामान्य शिव पूजा के लिए दिशा:
- ▸प्रातःकाल: पूर्व दिशा की ओर मुख करके बैठना शुभ होता है।
- ▸सायंकाल (प्रदोष काल): पश्चिम दिशा की ओर मुख करके बैठना शुभ होता है।
चन्द्रदोष विशिष्ट: चूंकि चन्द्रमा वायव्य कोण (उत्तर-पश्चिम) और उत्तर दिशा से संबंधित है, अतः चन्द्रदोष निवारण के लिए संभव हो तो उत्तर या उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर मुख करके पाठ करना विशेष लाभकारी होता है।





