विस्तृत उत्तर
संकल्प: पाठ आरंभ करने से पहले, दाहिने हाथ में जल लेकर स्पष्ट रूप से संकल्प लें कि यह पाठ चन्द्रदोष के कारण उत्पन्न मानसिक अशांति, भय और अस्थिरता को दूर कर, शिव की कृपा से अभय (निर्भीकता) और शांति प्राप्त करने के लिए किया जा रहा है।
स्तोत्र का आह्वान (चन्द्रशेखर पाहिमाम्, चन्द्रशेखर रक्षमाम्) को पाठ के दौरान बार-बार पूर्ण फोकस के साथ दोहराना अत्यंत महत्वपूर्ण है।




