विस्तृत उत्तर
आदि शंकराचार्य ने ~8वीं सदी में भारत की 4 दिशाओं में 4 मठ स्थापित किए — सनातन धर्म रक्षा + वेदांत प्रसार:
- 1पूर्व — गोवर्धन मठ (पुरी, ओडिशा) — वेद: ऋग्वेद। महावाक्य: *'प्रज्ञानं ब्रह्म'*। जगन्नाथ मंदिर।
- 2दक्षिण — शृंगेरी मठ (कर्नाटक) — वेद: यजुर्वेद। महावाक्य: *'अहं ब्रह्मास्मि'*। शारदा देवी।
- 3पश्चिम — द्वारका मठ (गुजरात) — वेद: सामवेद। महावाक्य: *'तत्त्वमसि'*। द्वारकाधीश।
- 4उत्तर — ज्योतिर्मठ (बदरीनाथ, उत्तराखंड) — वेद: अथर्ववेद। महावाक्य: *'अयमात्मा ब्रह्म'*। बदरीनाथ।
उद्देश्य: बौद्ध/जैन प्रभाव काल में वैदिक धर्म पुनर्स्थापना + भारत की सांस्कृतिक एकता।





