कौण्डिन्य ऋषि ने धृष्टबुद्धि का उद्धार कैसे किया?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
गंगा स्नान करके लौट रहे कौण्डिन्य ऋषि के कपड़ों की पवित्र बूंदें धृष्टबुद्धि पर गिरीं, जिससे उसे अपने पापों का पछतावा हुआ। ऋषि के कहने पर उसने मोहिनी एकादशी का व्रत किया और विष्णुलोक प्राप्त किया।
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