मकर संक्रांति पर खिचड़ी का भोग क्यों लगाते हैं?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
खिचड़ी भोग: मूंग/छिलके वाली दाल + नए चावल + हल्दी + सेंधा नमक + घी। आयुर्वेद: शीतकाल में सुपाच्य, ऊष्मादायक। त्रिदोष (वात-पित्त-कफ) संतुलक। साथ में तिल-गुड़ के लड्डू और गजक भी।
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खिचड़ी और नैवेद्य
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