ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
सरल उत्तर

मांडूक्योपनिषद में ॐ का विश्लेषण क्या है

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मांडूक्य: ॐ = अ (जाग्रत/वैश्वानर) + उ (स्वप्न/तैजस) + म (सुषुप्ति/प्राज्ञ) + मौन (तुरीय/ब्रह्म)। चौथी अवस्था (तुरीय) — तीनों से परे, शांत, अद्वैत — यही आत्मा। 12 मंत्रों में संपूर्ण वेदांत। ॐ = अस्तित्व का ध्वनि मानचित्र।

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