मंदिर में भगवान को अर्पित करने के बाद बचा नैवेद्य कैसे ग्रहण करें?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
नैवेद्य ग्रहण: श्रद्धापूर्वक (दैवी कृपा), दाहिने हाथ → माथे से लगाएँ → ग्रहण। शीघ्र खाएँ, जूठे हाथ वर्जित, भूमि न गिराएँ, परिवार-मित्रों में बाँटें। चरणामृत = 'ॐ' 3 बार → दाहिने हाथ → पिएँ। निर्माल्य = सम्मानपूर्वक विसर्जन।
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