मंदिर में चढ़ाई गई सामग्री को दोबारा चढ़ा सकते हैं या नहीं?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
वर्जित। एक बार अर्पित = निर्माल्य → दोबारा = 'दिया वापस'=अशुभ। प्रसाद = ग्रहण, न चढ़ाएं। मंदिर A→B = वर्जित। 'ताजा+नया+शुद्ध = भगवान को।'
सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
श्रेणी
मंदिर ज्ञान
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।