मंदिर में प्रसाद वितरण का शास्त्रीय नियम क्या है?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
नियम: पहले देवता को अर्पित → फिर वितरण। समानता: जाति-वर्ण-लिंग भेद नहीं (जगन्नाथ उदाहरण)। दाहिने हाथ से दें/लें, जूठा न छोड़ें, भूमि पर न गिराएँ। बासी न होने दें — खराब हो तो जल/वृक्ष में। घर लाकर बाँटना = विशेष पुण्य। गीता: प्रसाद खाने वाले सर्वपाप मुक्त।
सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
श्रेणी
मंदिर पूजा
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।