मंदिर में सिर झुकाकर प्रणाम क्यों करते हैं?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
प्रणाम क्यों: भागवत पुराण — मस्तक = अहंकार-केंद्र, झुकाना = अहंकार-विसर्जन। आगम शास्त्र: आज्ञाचक्र देवता-ओर = ऊर्जा-ग्रहण (तिलक यहीं)। मनुस्मृति: 'प्रणामः पापनाशनः।' साष्टांग — 8 अंगों से सर्वोच्च समर्पण। विष्णु स्मृति: चरण-स्पर्श = गहरी श्रद्धा।
सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
श्रेणी
मंदिर
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।