मंत्र जप के दौरान ध्यान कैसे करें?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
मंत्रमहार्णव: ध्यानयुक्त जप से देवता प्राप्ति। पाँच विधियाँ: देवता-स्वरूप ध्यान (सर्वोत्तम), मंत्र-अर्थ चिंतन, नाद-ध्यान (ध्वनि सुनना), श्वास-नाम संयोग (सोऽहं), हृदय-केंद्रित ध्यान। कुलार्णव: हर श्वास में मंत्र। ध्यान जप के बाद नहीं — साथ-साथ।
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