मंत्र जप में 108 संख्या का महत्व क्या है?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
108 = ब्रह्मांडीय पूर्णता की संख्या। सूर्य-चंद्र की दूरी 108 गुना। 12 राशि × 9 ग्रह = 108। 27 नक्षत्र × 4 चरण = 108। 108 उपनिषद। शरीर में 108 मर्म स्थान। एक माला = 108 मनके = एक पूर्ण ऊर्जा-चक्र। प्रत्येक देवता के 108 नाम (अष्टोत्तरशत)।
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