मंत्र जप से मोक्ष कैसे प्राप्त होता है?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
भागवत (6.1.15): कृष्ण-कीर्तन से परम पद। गीता (8.7): अंतकाल जो भाव — वही अगली गति। नित्य जप = अंतकाल में भगवत्-स्मृति सुनिश्चित। मोक्ष के प्रकार: सालोक्य, सामीप्य, सारूप्य, सायुज्य। मार्ग: कर्म-क्षय + अहंकार-विसर्जन + निष्काम जप = मुक्ति।
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