मोबाइल में भगवान की फोटो पर पूजा — सही है या नहीं?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
मत भिन्नता। समर्थन: ईश्वर सर्वव्यापक, भाव प्रधान। विरोध: पवित्रता (बाथरूम), ध्यान भंग, स्क्रीन≠प्रतिष्ठित मूर्ति। संतुलित: नियमित पूजा = मूर्ति/तस्वीर। यात्रा = मोबाइल स्वीकार्य। मंत्र/गीता पढ़ना = सही। गीता (9.26): भाव प्रधान।
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