ऑनलाइन दर्शन से पुण्य मिलता है क्या मंदिर जाना जरूरी
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
ऑनलाइन दर्शन = भाव से पुण्य (गीता 9.26)। मंदिर = अधिक श्रेष्ठ (प्राण प्रतिष्ठा, वातावरण, सत्संग)। बीमार/वृद्ध/दूरदराज के लिए ऑनलाइन उत्तम विकल्प। दोनों शुभ — मंदिर का स्थान ऑनलाइन नहीं ले सकता, पर भाव प्रधान।
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