पांच महायज्ञ प्रतिदिन करने का विधान?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
5 महायज्ञ: 1.ब्रह्म(स्वाध्याय) 2.देव(हवन/पूजा) 3.पितृ(तर्पण) 4.भूत(प्राणी भोजन) 5.अतिथि(सेवा)। = 5 ऋण। आधुनिक: गीता+दीपक+पितर स्मरण+गाय रोटी+मेहमान=15 मिनट।
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