पूजा में हाथ जोड़कर प्रार्थना क्यों करते हैं?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
हाथ जोड़ना क्यों: 'अंजलि मुद्रा' — दाहिना (पुरुष/शिव) + बाएं (प्रकृति/शक्ति) = अद्वैत। 'मेरे पास देने को कुछ नहीं, केवल मन अर्पित।' हृदय से प्रार्थना का प्रतीक। वैज्ञानिक: दोनों हाथ जोड़ने से मस्तिष्क के दोनों भाग सक्रिय — एकाग्रता बढ़ती है।
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