पुरश्चरण के पाँच अंग कौन से हैं?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
पुरश्चरण के 5 अंग: (1) मंत्र जप — 1,25,000; (2) हवन — 12,500 आहुतियाँ; (3) तर्पण — 1,250 बार; (4) मार्जन — 125 बार; (5) ब्राह्मण भोजन — 13 ब्राह्मण। प्रत्येक अगला पिछले का 10%।
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श्रेणी
पुरश्चरण
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