रामेश्वरम मंदिर के 22 कुंडों का क्या महत्व है?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
22 कुंड: प्रत्येक भिन्न पाप/दोष निवारण से जुड़ा। रामायण: राम ने ब्रह्महत्या प्रायश्चित्त हेतु शिवलिंग स्थापित। आश्चर्य: सभी एक परिसर में फिर भी भिन्न स्वाद (भिन्न खनिज)। विधि: क्रमानुसार 22 कुंडों में स्नान = सर्वपाप क्षय। चार धाम यात्रा में अनिवार्य।
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