सरस्वती पूजा में धूप और दीप का क्या महत्व है?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
धूप = वायु तत्व का प्रतिनिधि — नकारात्मकता दूर कर दिव्यता का संचार। मंत्र: 'वनस्पतिरसोद्भूतो... धूपमाघ्रापयामि।' दीप = अग्नि तत्व — अज्ञानता (तमस्) नष्ट कर ज्ञान का उदय। गाय के शुद्ध घी का दीपक। मंत्र: '...दीपं दर्शयामि।'
सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
श्रेणी
सरस्वती पूजा विधि
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।