शिव पूजा में आवाहन और विसर्जन का क्या अर्थ है?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
आवाहन = शिव को पूजा स्थल पर आमंत्रित करना ('आगच्छ भगवान देव')। विसर्जन = पूजा समापन पर विदाई प्रार्थना + क्षमा। स्वयंभू शिवलिंग में शिव नित्य विराजमान — आवाहन/विसर्जन = भक्त का मानसिक समर्पण। षोडशोपचार का प्रथम और अंतिम चरण।
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