शिव साधना में मौन व्रत का क्या महत्व है?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
शिव = मौन और चेतना का स्वरूप (कश्मीर शैव दर्शन)। मौन से: वाक् शक्ति संचय, मन एकाग्र, आत्मनिरीक्षण, कर्म बंधन क्षय, वाणी दोष निवारण। दक्षिणामूर्ति शिव = मौन ज्ञान का प्रतीक। मौनी अमावस्या/महाशिवरात्रि पर विशेष फलदायी। 'मुनि' शब्द 'मौन' से ही उत्पन्न।
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