शिव उपासना में गृहस्थ और संन्यासी की विधि में क्या भेद है?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
गृहस्थ: षोडशोपचार पूजा, कामना सहित, पत्नी सहित, व्रत-उपवास, सात्विक जीवन, मंदिर दर्शन। संन्यासी: निष्काम भक्ति, आत्मध्यान प्रधान, पूर्ण ब्रह्मचर्य, भस्म-रुद्राक्ष, एकांत साधना, समाधि-योग। समानता: शिव भक्ति भाव देखते हैं — सच्चे मन की पूजा सबको समान फल देती है।
सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
श्रेणी
शिव साधना
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।