शिवजी ने नारदजी को अभिमान करने से क्यों मना किया?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
शिवजी जानते थे कि काम-विजय भगवान की कृपा से हुई, नारदजी की अपनी शक्ति नहीं। भगवान की माया प्रचण्ड है — किसी को भी मोहित कर सकती है। अभिमान करने पर माया का शिकार होना निश्चित था, इसलिये शिवजी ने बरज (मना) दिया।
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रामचरितमानस — बालकाण्ड
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