श्राद्ध कर्म में बेटी का क्या अधिकार
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
परंपरागत: पुत्र प्राथमिक; बेटी = पुरुष न हों तो। शास्त्र: वर्जित नहीं, प्राथमिकता। आधुनिक: बेटी = पूर्ण अधिकार (बढ़ती स्वीकार्यता)। पुत्र नहीं/अनुपस्थित → बेटी अवश्य करे।
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श्राद्ध एवं पितृ कर्म
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