श्री विद्या में दक्षिणाचार और वामाचार में क्या अंतर है?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
दक्षिणाचार (समयाचार): सात्विक + वैदिक अनुरूप + आंतरिक पूजा-ध्यान पर बल। वामाचार (कौलाचार): पंचमकार का प्रयोग + अधिक गूढ़। अधिकांश ग्रंथ = दक्षिणाचार केंद्रित। कौलाचार को कुछ परंपराओं में सर्वोच्च। पात्रता और गुरु निर्देश पर निर्भर।
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वामाचार और दक्षिणाचार
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