तंत्र में कुंडलिनी ऊर्जा ऊपर उठते समय क्या लक्षण दिखते हैं?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
ज्योति per चक्र: मूलाधार=अग्नि, स्वाधिष्ठान=प्रवाल, मणिपुर=विद्युत, अनाहत=लिंग, विशुद्ध=श्वेत, आज्ञा=धूम्र, सहस्रार=परशु। सामान्य: रीढ़ विद्युत, कंपन, रोना/हंसना, नाद, प्रकाश।
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श्रेणी
कुंडलिनी
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