ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
सरल उत्तर

तंत्र साधना से कुंडलिनी कैसे जागृत होती है?

का सरल उत्तर

सरल उत्तर

कुंडलिनी जागरण: मूलाधार में सर्पाकार सुषुप्त शक्ति। तंत्र से जागरण: मंत्र जप (बीज मंत्र — मूलाधार कंपन), प्राणायाम + बंध, ध्यान, गुरु शक्तिपात। लक्षण: रीढ़ में गर्मी, स्वतः मुद्राएं, आनंद। चेतावनी: बिना गुरु असंतुलित जागरण — कष्टदायक।

सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें

मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।

श्रेणी
कुंडलिनी जागरण

इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।