उपनयन संस्कार के बाद बालक को कौन से नियम पालन करने चाहिए?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
उपनयन बाद: त्रिसंध्या वंदन (गायत्री), ब्रह्मचर्य, गुरु सेवा, वेद अध्ययन, समिधादान, भिक्षाचर्या (विनम्रता), सात्त्विक आहार, जनेऊ नियम। वर्तमान न्यूनतम: गायत्री 108/दिन + जनेऊ + सात्त्विक जीवन + अध्ययन।
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वैदिक कर्मकांड
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