वैदिक और पौराणिक पूजा पद्धति में क्या मूलभूत अंतर है
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
वैदिक पूजा: यज्ञ प्रधान, वैदिक मंत्र, निराकार देवता (अग्नि, इन्द्र), ऋत्विज आवश्यक। पौराणिक पूजा: मूर्ति पूजा प्रधान, नाम मंत्र/स्तोत्र, साकार देवता (विष्णु, शिव, दुर्गा), कोई भी कर सकता है। पौराणिक में षोडशोपचार, व्रत, तीर्थ, कीर्तन। आज दोनों का मिश्रण प्रचलित है।
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