वैदिक विवाह में अग्नि साक्षी क्यों होती है?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
अग्नि साक्षी: सर्वोच्च (देवमुख — सब देवता पहुँचती), शाश्वत (अमर साक्षी = शाश्वत वचन), शुद्धिकारक (विवाह पवित्र), गार्हपत्य अग्नि (जीवनभर), सप्तपदी अग्नि प्रदक्षिणा। कानूनी: हिन्दू विवाह अधिनियम 1955।
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