ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
सरल उत्तर

याज्ञवल्क्यजी ने भरद्वाजजी को वही कथा सुनाई जो किसने किसको सुनाई थी?

का सरल उत्तर

सरल उत्तर

वही कथा जो भगवान शिवजी ने माता पार्वतीजी को सुनाई थी। कथा-परम्परा: शिवजी → पार्वतीजी → अगस्त्यजी → याज्ञवल्क्यजी → भरद्वाजजी। इसीलिये मानस की मूल कथाधारा शिव-पार्वती संवाद है।

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रामचरितमानस — बालकाण्ड

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