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सरल उत्तर

'यावद्वायु: प्रवाति यावन्मेघा उपलभ्यन्ते' का क्या अर्थ है?

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इस श्लोक का अर्थ है — 'जहाँ तक वायु बहती है और जहाँ तक बादल दिखते हैं' — वह क्षेत्र भुवर्लोक (अंतरिक्ष) का निचला और मध्य हिस्सा है।

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सरल उत्तर: 'यावद्वायु: प्रवाति यावन्मेघा उपलभ्यन्ते'