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अर्थ

यज्ञ का अर्थ(1)

यज्ञ का अर्थयज्ञ क्या है?यज्ञ का महत्व
सरल उत्तर

'सु+आहा'='अच्छी तरह अर्पित।' अग्नि=देवमुख, स्वाहा=अग्नि पत्नी (पुराण)। 'हे अग्नि, देवता तक पहुंचाओ!' 'इदं न मम'='मेरा नहीं'=समर्पण। बिना स्वाहा=अधूरी।

स्रोत प्रश्न: हवन में स्वाहा बोलने का क्या अर्थ है? →
हवन/यज्ञ

हवन में स्वाहा बोलने का क्या अर्थ है?

'सु+आहा'='अच्छी तरह अर्पित।' अग्नि=देवमुख, स्वाहा=अग्नि पत्नी (पुराण)। 'हे अग्नि, देवता तक पहुंचाओ!' 'इदं न मम'='मेरा नहीं'=समर्पण। बिना स्वाहा=अधूरी।

#स्वाहा#अर्थ#बोलना
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