अर्धनारीश्वर का क्या अर्थ है?
#अर्धनारीश्वर#अर्थ#शिव शक्ति
प्रतीकात्मक: शिव-शक्ति/जीवात्मा-परमात्मा मिलन = कुंडलिनी+सहस्रार = आंतरिक। वास्तविक (वाम): गोपनीय, गुरु, सामान्य = कभी नहीं। दुरुपयोग = पाप। कुंडलिनी ध्यान = सच्चा अर्थ।
स्रोत प्रश्न: तांत्रिक साधना में मैथुन का आध्यात्मिक अर्थ क्या है? →