ब्रह्मचर्य, शुद्ध उच्चारण (गलत = विपरीत), स्नान+शुद्ध वस्त्र, सात्विक, सरसों दीपक, मंगलवार/शनिवार। आत्मरक्षा (आक्रमण नहीं)। नियमित। बाण = तीव्र/शीघ्र।
- 1ब्रह्मचर्य: पाठ दिन + पूर्व रात = ब्रह्मचर्य।
- 2शुद्ध उच्चारण: गलत = विपरीत प्रभाव (उग्र स्तोत्र)।
- 3स्नान + शुद्ध वस्त्र: अशुद्ध अवस्था = वर्जित।
- 4सात्विक भोजन: मांस-मदिरा-प्याज-लहसुन वर्जित।
- 5सरसों तेल दीपक: हनुमान प्रिय।
- 6मंगलवार/शनिवार: विशेष शुभ।
- 7भय/संकट काल: बजरंग बाण = संकट में सर्वप्रभावी।
- 8दूसरों को हानि नीयत नहीं: आत्मरक्षा, न कि आक्रमण।