भगवान अवतार क्यों लेते हैं — रामचरितमानस के अनुसार?
की चेकलिस्ट
अनेक कारण — (1) धर्म हानि पर रक्षा, (2) सज्जनों की पीड़ा हरना, (3) असुर वध, (4) वेदमार्ग रक्षा, (5) यश फैलाना, (6) भक्तों का प्रेम। पर शिवजी ने कहा — अवतार का कारण 'बस यही है' ऐसा निश्चित नहीं कहा जा सकता, अनेक कारण हो सकते हैं।
- 1धर्म की रक्षा — 'जब जब होइ धरम कै हानी' — जब धर्म का ह्रास हो
- 2सज्जनों की पीड़ा हरना — 'हरहिं कृपानिधि सजन पीरा'
- 3असुरों का वध — 'असुर मारि थापहिं सुरन्ह' — असुरों को मारकर देवताओं को स्थापित करना
- 4वेदमार्ग की रक्षा — 'राखहिं निज श्रुति सेतु' — अपने वेदरूपी सेतु (मार्ग) की रक्षा करना
- 5यश फैलाना — 'जग बिस्तारहिं बिसद जसु' — जगत में अपना निर्मल यश फैलाना
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श्रेणी
रामचरितमानस — बालकाण्ड
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