भैरव साधना कैसे करें?
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भैरव साधना: शनिवार रात्रि/अमावस्या। काले तिल, उड़द, सरसों तेल दीपक (5 बाती)। काल भैरव अष्टकम् पाठ। मंत्र: 'ॐ ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरुकुरु बटुकाय ह्रीं।' 108 जप। नैवेद्य: उड़द + काले तिल। फल: बाधा-शत्रु से रक्षा।
- 1स्नान, काले या लाल वस्त्र
- 2भैरव की प्रतिमा/चित्र स्थापना
- 3पंचोपचार पूजा
- 4सरसों तेल का दीपक जलाएं
- 5काल भैरव अष्टकम् पाठ (आदि शंकराचार्य)
- 6मंत्र जप: 'ॐ ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरुकुरु बटुकाय ह्रीं।'
- 7108 या 1008 जप
- 8नैवेद्य — उड़द की दाल, काले तिल
- 9क्षमा प्रार्थना
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भैरव साधना
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