भैरव साधना कैसे करें?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
भैरव साधना: शनिवार रात्रि/अमावस्या। काले तिल, उड़द, सरसों तेल दीपक (5 बाती)। काल भैरव अष्टकम् पाठ। मंत्र: 'ॐ ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरुकुरु बटुकाय ह्रीं।' 108 जप। नैवेद्य: उड़द + काले तिल। फल: बाधा-शत्रु से रक्षा।
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भैरव साधना
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