भक्त प्रह्लाद की कथा से क्या शिक्षा
की चेकलिस्ट
शिक्षा: सच्ची भक्ति सर्वशक्तिमान (5 वर्ष के बालक ने भगवान प्रकट किए)। अहंकार का विनाश निश्चित। भगवान सर्वव्यापी (खंभे में भी)। संकट में भी धर्म न छोड़ो। प्रह्लाद ने नवधा भक्ति (भागवत 7.5.23) का सिद्धांत दिया।
- 1भक्ति सर्वशक्तिमान — 5 वर्ष के बालक की सच्ची भक्ति ने स्वयं भगवान को प्रकट किया। शक्ति, धन, सत्ता — कुछ भी भक्ति से बड़ा नहीं।
- 2अहंकार का विनाश अवश्यंभावी — हिरण्यकशिपु की अपार शक्ति और वरदान भी उसे नहीं बचा सके। अहंकार अंततः विनाश लाता है।
- 3भगवान सर्वव्यापी — 'खंभे में भी हैं' — भगवान कण-कण में हैं। प्रह्लाद का विश्वास सिद्ध हुआ।
- 4धर्म की विजय — कितना भी अन्याय हो, अंततः धर्म जीतता है।
- 5नवधा भक्ति (7.5.23) — प्रह्लाद ने भक्ति के 9 रूप बताए — श्रवण, कीर्तन, स्मरण, पादसेवन, अर्चन, वंदन, दास्य, सख्य, आत्मनिवेदन।
- 6संकट में भी अटल — कठिनतम परिस्थिति में भी धर्म और विश्वास न छोड़ो।
सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
श्रेणी
पौराणिक कथा
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।