चंद्र ग्रहण में पूजा और जप कैसे करें
की चेकलिस्ट
चन्द्र ग्रहण: सूतक ~9 घंटे पूर्व। भोजन पर कुश+तुलसी। स्नान → कुश आसन → गायत्री/सोम मंत्र/महामृत्युंजय जप → ध्यान। मोक्ष बाद: स्नान → पूजा → दान → ब्राह्मण भोजन। भोजन/शयन वर्जित (ग्रहण काल)। जप = लाख गुना फल।
- 1स्नान करके शुद्ध वस्त्र पहनें।
- 2कुश आसन पर बैठें, कुश पवित्री धारण।
- 3मंत्र जप:
- 4ध्यान और मौन।
- 5दान का संकल्प।
- 6तुरन्त स्नान (गंगाजल मिलाकर)।
- 7देवताओं की पूजा।
- 8दान — अन्न, वस्त्र, धन, तिल।
- 9ब्राह्मण भोजन।
- 10कुश + तुलसी हटाकर भोजन/जल प्रयोग।
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