दशावतार क्रम: मत्स्य (जल) → कूर्म (उभयचर) → वराह (भूमि) → नरसिंह (संक्रमण) → वामन (आदि मानव) → परशुराम → राम → कृष्ण → बुद्ध → कल्कि — डार्विन विकासवाद से आश्चर्यजनक समानता। रोचक तुलना, परंतु पुराणों का उद्देश्य विकासवाद नहीं बल्कि धर्म रक्षा था।
1मत्स्य (मछली) → जल में जीवन (प्रथम जीव जल में)
2कूर्म (कछुआ) → उभयचर (जल + भूमि)
3वराह (सूअर/वराह) → भूमि पर स्तनधारी
4नरसिंह (आधा मनुष्य, आधा पशु) → पशु से मानव के बीच की संक्रमण अवस्था
5वामन (बौना मनुष्य) → आदि मानव (छोटा कद)
6परशुराम (हथियारधारी मनुष्य) → आदिम मनुष्य (शस्त्र प्रयोग, वन निवासी)