देवी अपराधक्षमापन स्तोत्र का पाठ कब करें?
की चेकलिस्ट
सप्तशती पाठ अंत में (अनिवार्य)। व्रत टूटने/त्रुटि पर। प्रतिदिन संध्या। 'न मंत्रं नो यंत्रं... परं जाने मातस्त्वदनुसरणं क्लेशहरणम्' — शरण = क्लेश हरण।
- 1दुर्गा सप्तशती पाठ के अंत में — अनिवार्य।
- 2व्रत टूटने पर — प्रायश्चित।
- 3पूजा में त्रुटि होने पर — अशुद्ध उच्चारण, नियम भंग।
- 4प्रतिदिन संध्या — दैनिक क्षमा (उत्तम अभ्यास)।
- 5अनुष्ठान समापन पर।प्रसिद्ध श्लोक: 'न मंत्रं नो यंत्रं तदपि च न जाने स्तुतिमहो। न चाह्वानं ध्यानं तदपि च न जाने स्तुतिकथाः। न जाने मुद्रास्ते तदपि च न जाने विलपनम्। परं जाने मातस्त्वदनुसरणं क्लेशहरणम्॥'
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देवी स्तोत्र
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