का सरल उत्तर
सप्तशती पाठ अंत में (अनिवार्य)। व्रत टूटने/त्रुटि पर। प्रतिदिन संध्या। 'न मंत्रं नो यंत्रं... परं जाने मातस्त्वदनुसरणं क्लेशहरणम्' — शरण = क्लेश हरण।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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