धन प्राप्ति के लिए श्री सूक्त का नित्य पाठ, शुक्रवार लक्ष्मी पूजा, कुबेर मंत्र जप, श्रीयंत्र स्थापना, उत्तर दिशा में धन स्थान, तुलसी पूजन और दान करें। शास्त्र कहते हैं — कर्म + भक्ति = धन समृद्धि।
- 1'ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः' — 108 बार
- 2'ॐ ह्रीं श्रीं लक्ष्मीभ्यो नमः'
- 3शुक्रवार को नित्य लक्ष्मी पूजा
- 4दीपावली पर विधिवत लक्ष्मी-कुबेर पूजन
- 5महालक्ष्मी यंत्र की स्थापना और पूजन
- 6श्रीयंत्र — धन और समृद्धि का सर्वोच्च यंत्र
- 7उत्तर दिशा: कुबेर की दिशा — उत्तर में धन स्थान बनाएं
- 8उत्तर-पूर्व (ईशान): खाली और स्वच्छ रखें
- 9दक्षिण-पश्चिम (नैऋत्य): यहाँ भारी सामान रखें
- 10मुख्य द्वार: स्वच्छ और सुसज्जित रखें; रंगोली बनाएं
- 11तुलसी: उत्तर-पूर्व में तुलसी का पौधा
- 12शुक्रवार को किसी जरूरतमंद को खाना खिलाएं
- 13प्रतिदिन अन्न दान का संकल्प
- 14गाय को चारा
- 15ब्रह्ममुहूर्त में जागें और कार्य आरंभ करें
- 16ईमानदारी से व्यापार करें
- 17समय का सदुपयोग करें
- 18शुक्र ग्रह को मजबूत करें — सफेद वस्त्र, हीरा/ओपल
- 19बृहस्पति मजबूत करें — पीले वस्त्र, पुखराज
- 20शनि को प्रसन्न रखें — शनिवार व्रत