की चेकलिस्ट
ध्यान से प्राण-संचय, चित्त-शुद्धि और कुंडलिनी-जागरण के माध्यम से आध्यात्मिक शक्ति बढ़ती है। योगसूत्र (3/16-55) में संयम से सिद्धियाँ प्राप्त होती हैं। ब्रह्मचर्य + ध्यान = ओज-तेज। गीता (6/20-22) में ध्यान-फल इंद्रियातीत परम सुख बताया गया है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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